स्कूल शिक्षा

जनसम्पर्क कार्यालय धमतरी
समाचार

Email:prodmt[at]gmail[dot]com
फोन/फैक्स-07722-238487

सफलता की कहानी
छोटी कोशिशों के पंख ने भरी लम्बी उड़ान
जिले की दो शालाओं को मिला श्रेष्ठ स्कूल का खिताब
स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री के हाथों मिला प्रशस्ति-पत्र

धमतरी 25 अगस्त 2014/ नदी की धारा के साथ हर कोई तैर लेता है, लेकिन सच्चा तैराक वही होता है, जो उसकी धाराओं को चीरते हुए अपने सार्थक प्रयासों से मंजिल हासिल करता है। उक्त कथन की हकीकत को चरितार्थ कर रहे हैं जिले के ग्राम कसावाही तथा चर्रा के स्कूल। इन स्कूलों की बेहतर कार्यशैली, व्यवस्थापन, श्रेष्ठ शिक्षकीय तथा गैर शिक्षकीय गतिविधियों के संचालन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं प्रोत्साहन राशि भेंट कर सम्मानित किया। कुरूद विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल चर्रा एवं विकासखण्ड धमतरी की शासकीय प्राथमिक शाला कसावाही को क्रमशः हाईस्कूल स्तर पर प्रथम तथा प्राथमिक स्तर द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया है। प्रदेश स्तर पर धमतरी जिले की दो शालाओं का सम्मानित होना गौरवशाली तथा ऐतिहासिक है।

शिक्षा

गंगरेल जलाशय के डूबान क्षेत्र पर बसा ग्राम कसावाही लगभग दस साल पहले दुर्गम ग्रामों में से एक था। गांव तक पहुंचने के लिए पगडण्डियों का इस्तेमाल करना पड़ता था। सन् 2004 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्के मार्ग का निर्माण किया गया। प्रकृति की गोद में बसे वनाच्छादित आदिवासी बाहुल्य गांव में ग्रामीणों का रूझान शिक्षा-दीक्षा की ओर नहीं था। ऐसे में शासकीय प्राथमिक शाला के तत्कालीन प्रधानपाठक श्री प्रभुलाल यादव ने लोगों का शिक्षा तथा अन्य गतिविधियों की ओर ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने ग्रामीणों को एकत्रित कर शाला प्रबंधन एवं विकास समिति बनाई तथा अपने पाल्यों को अच्छी शिक्षा देने पर जोर दिया। ग्रामीणों के सहयोग से उन्होंने स्कूल परिसर में पौधरोपण कराया गया। वन प्रबंधन समिति की मद से स्कूल में विद्युत तथा मोटरपम्प की भी व्यवस्था कराई। इसके अलावा शिक्षक श्री यादव ने मध्याह्न भोजन के लिए अलग से सब्जी न खरीदनी पड़े, इसके लिए किचन गार्डन का भी निर्माण कराया गया, जहां पर विभिन्न किस्म की हरी सब्जियों का बारहमासी उत्पादन कराने पर जोर दिया।

सभी कक्षों में महापुरूषों की तस्वीर, उनकी प्रेरक जीवनी तथा नारे-स्लोगन भी दीवारों पर लिखवाए गए। तत्कालीन शिक्षक श्री यादव की सेनानिवृत्ति के उपरांत भी यह परम्परा बदस्तूर जारी रखी गई। समिति के सदस्यों द्वारा अब भी नियमित रूप से प्रतिमाह बैठक रखी जाती है। वर्तमान प्रधान पाठक श्री अखिलेश पवार ने बताया कि सभी शिक्षक समय पूर्व सुबह 8.45 तक शाला पहुंच जाते हैं। दैनंदिनी तथा अन्य अभिलेखों का नियमित इन्द्राज किया जाता है। साथ ही यहां विद्यार्थियों की उपस्थिति औसतन 97 प्रतिशत रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस गांव में एक भी शाला त्यागी बच्चा नहीं है। ऐसी शाला को प्रदेश शासन द्वारा श्रेष्ठ शाला के रूप में नवाजा जाना कोई अतिशयोक्ति नहीं है।

पुरस्कार

शिक्षा मूल्य

जिले के विकासखण्ड कुरूद के ग्राम चर्रा के हाई स्कूल ने भी कुछ इस तरह की उपलब्धियां हासिल की हैं। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री गोकुल सिंह दीवान ने बताया कि वर्तमान में हाई स्कूल की दर्ज संख्या 213 है। इस स्कूल में विद्यार्थी के साथ-साथ शिक्षक काफी अनुशासित हैं। समय से पूर्व स्कूल आकर नियमित रूप से पालकों तथा जनभागीदारी समिति के सदस्यों से भेंट कर सलाह-मशविरा करना, सभी पंजियों का नियमित रूप से संधारण करना, गैर शैक्षणिक गतिविधियों पर जोर देना, प्रार्थना के समय प्रतिदिन सामान्य ज्ञान एवं अन्य समसामयिक घटनाओं से बच्चों को अवगत कराना आदि कार्य किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त समिति के सदस्यों वाॅटर कूलर भी प्रदान किया गया है। समिति द्वारा प्रतिमाह नियमित रूप से बैठक लेकर शाला के विकास के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाता है। शिक्षक श्री दीवान ने बताया कि यहां चारों ओर छायादार वृक्ष लगाए गए हैं। मध्यान्ह भोजन पकने के बाद बच्चों को वितरित करने से पूर्व शिक्षकों के द्वारा चखा जाता है। रसोई कक्ष का भी नियमित निरीक्षण किया जाता है। यहां के शौचालय की नियमित सफाई की जाती है। यहां के विद्यार्थियों की औसतन उपस्थित 98 प्रतिशत है। विभाग में लागू विभिन्न योजनाओं का समुचित ढंग से क्रियान्वयन भी किया जाता है।

प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2014-15 को शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री के द्वारा इन शालाओं को श्रेष्ठ विद्यालय को दर्जा दिया जाना किसी मिसाल से कम नहीं है। इन विद्यालयों के शिक्षकों तथा शाला प्रबंधन समिति की छोटी-छोटी कोशिशों के पंख ने लम्बी उड़ान भरी है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के मुख्य परेड ग्राउण्ड पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह द्वारा इन दोनों शालाओं के शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र के साथ-साथ क्रमशः बीस हजार रूपए तथा दस हजार रूपए के चेक भी प्रदान किए गए। यदि जिले के अन्य विद्यालयों में भी पूरी शिद्दत तथा ईमानदारी से इस तरह के सद्प्रयास किए जाएं तो वह दिन दूर नहीं जब सम्पूर्ण धमतरी जिला शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार स्थापित करे।

ताराशंकर सिन्हा

क्रमांक-130/787

सूचना पट्ट